ग़ज़्ज़ा पट्टी का परिवेष्टन समाप्त करने के लिए फ़िलिस्तीन जाने वाले फ़्रांसीसी जहाज़ अलकेरामह पर ज़ायोनी सैनिकों ने क़ब्ज़ा कर लिया। यह फ्रांसीसी जहाज़ ग़ज़्ज़ा पट्टी की ओर जा रहा था कि ज़ायोनी सैनिकों की युद्धक नौकाओं ने इस जहाज़ पर आक्रमण करके उस पर क़ब्ज़ा कर लिया। अलकेरामह नामक यह फ्रांसीसी जहाज़ मुक्ति कारवां दो के नाम से यूनान की बंदरगाह से ग़ज़्ज़ा पट्टी की ओर जा रहा था कि अतिक्रमणकारी ज़ायोनी सैनिक उस पर क़ब्ज़ा करके अवैध अधिक फ़िलिस्तीन की उस्दूद बंदरगाह की ओर ले जा रहे हैं। प्राप्त समाचारों के अनुसार इस जहाज़ में मात्र मानवताप्रेमी सहायताएं और कुछ शांतिकार्यकर्ता हैं। पिछले वर्ष भी ज़ायोनी कमांडोज़ ने ग़ज़्ज़ा पट्टी जाने वाले मुक्ति एक कारवां पर आक्रमण करके तुर्की के नौ मानवताप्रेमी कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी थी। उल्लेखनीय है कि ज़ायोनी शासन ने वर्ष २००७ से ग़ज़्ज़ा पट्टी का परिवेष्ट कड़ा कर रखा है और इस परिवेष्टन के कारण फ़िलिस्तीनियों को नाना प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। दवाओं, खाद्य पदार्थों और दूसरी आवश्यक वस्तुओं की ग़ज़्ज़ा पट्टी में भारी कमी है। आवश्यक दवाएं न होने कारण अब तक ग़ज़्ज़ा पट्टी में लगभग ३०० फ़िलिस्तीनी, जिनमें बहुत से बच्चे शामिल हैं, अपनी जान से हाथ धो चुके हैं। इसी मध्य राष्ट्रसंघ के मानवाधिकार कार्यालय ने घोषणा की है कि जार्डन नदी के पश्चिमी किनारे पर रहने वाले ज़ायोनियों ने पिछले वर्ष की तुलना में ५७ प्रतिशत फ़िलिस्तीनियों के विरुद्ध अपने अतिक्रमणों में वृद्धि कर दी है। राष्ट्रसंघ की रिपोर्ट में आया है कि फ़िलिस्तीनियों के विरुद्ध ज़ायोनियों के अतिक्रमण की १७२ घटनाओं को पंजीकृत किया गया है जिसमें पिछले वर्ष की तुलना में ध्यान योग्य वृद्धि हुई है। फ़िलिस्तीन के एक वरिष्ठ अधिकारी जमाल जुमा ने कहा कि ज़ायोनी शासन ने अपने विस्तारवादी लक्ष्यों तक पहुंचने के लिए ज़ायोनियों को भी हिंसा, हत्या और दमन आदि का प्रशिक्षण दे रखा है। ज़ायोनी शासन ज़ायोनियों को हथियारों से लैस करके और ज़ायोनी कालोनियों की सुरक्षा के बहाने वहां पर सैनिक तैनात करके फ़िलिस्तीनियों का दमन जारी रखे हुए है। ग़ज़्ज़ा पट्टी की ओर मानवता प्रेमी सहायता लेकर जाने वाले फ्रांसीसी जहाज़ पर क़ब्ज़ा इस्राईल के सरकारी आतंकवाद का एक छोटा सा उदाहरण है
18 जुलाई 2011 - 19:30
समाचार कोड: 254527
ग़ज़्ज़ा पट्टी का परिवेष्टन समाप्त करने के लिए फ़िलिस्तीन जाने वाले फ़्रांसीसी जहाज़ अलकेरामह पर ज़ायोनी सैनिकों ने क़ब्ज़ा कर लिया।